ज्योतिष • वास्तु • हस्तरेखा • अंक ज्योतिष • उपाय
भाग्य बदलेगा, जब दिशा सही होगी — ज्ञान, साधन और कर्म से जीवन संवारें।
"सही वास्तु समझकर, सही निर्णय लें और अपने घर को समृद्धि और सुख से भरें।"
- वास्तु दोष निवारण
- दिशा एवं भूखंड परामर्श
- घर, दुकान एवं ऑफिस वास्तु
- वास्तु अनुसार निर्माण मार्गदर्शन
वास्तु पुरुष मंडल एवं दिशाओं का महत्व
वास्तु शास्त्र भवन निर्माण की वह प्राचीन भारतीय विद्या है जो दिशाओं, ऊर्जा और पंचतत्वों के संतुलन पर आधारित है।
वास्तु की मुख्य सेवाएं
भवन, दुकान एवं कार्यस्थल के लिए संपूर्ण वास्तु समाधान
गृह वास्तु
- मुख्य द्वार एवं कमरों की दिशा जांच
- रसोई, शयनकक्ष एवं पूजा स्थान वास्तु
- वास्तु दोष निवारण उपाय
व्यावसायिक वास्तु
- दुकान, ऑफिस एवं फैक्ट्री वास्तु
- धन एवं व्यापार वृद्धि हेतु दिशा सुधार
- कर्मचारी बैठक स्थान परामर्श
भूखंड एवं निर्माण वास्तु
- प्लॉट चयन एवं दिशा विश्लेषण
- निर्माण से पूर्व वास्तु मार्गदर्शन
- पंचतत्व संतुलन सुझाव
वास्तु उपाय एवं यंत्र
- वास्तु दोष हेतु सरल उपाय
- वास्तु यंत्र एवं रत्न सुझाव
- व्यक्तिगत वास्तु समाधान
दिशाओं के अनुसार वास्तु महत्व
| दिशा | महत्व |
|---|---|
| उत्तर (N) | धन एवं समृद्धि, कुबेर दिशा |
| दक्षिण (S) | स्थिरता एवं शक्ति, यम दिशा |
| पूर्व (E) | सूर्य ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं उन्नति |
| पश्चिम (W) | परिश्रम एवं फल प्राप्ति |
| ईशान (NE) | पूजा स्थान हेतु सर्वोत्तम दिशा |
| आग्नेय (SE) | रसोई घर हेतु उपयुक्त दिशा |
| नैऋत्य (SW) | मुख्य शयनकक्ष हेतु उत्तम |
| वायव्य (NW) | अतिथि कक्ष एवं भंडारण हेतु उपयुक्त |